Earthquake In Afghanistan
January 31, 2018Earthquake In Afghanistan
New Delhi: Tremors
were felt in the Delhi-NCR region, Srinagar and Punjab after an
earthquake of magnitude 6.1 shook the Afghan capital, Kabul, at around
12:40 pm. There were no immediate reports of any damage or casualties.
The
earthquake, which was also felt in neighbouring Pakistan, struck 270 km
(167 miles) northeast of Kabul in the Hindukush mountains, at a deep
180 km, the European Mediterranean Seismological Centre said.
Many in the national capital posted on social media that they felt the tremors. The lights shook in television studios.
People were seen rushing out of buildings and offices in Srinagar.The quake, which was also felt in neighbouring Pakistan, struck 270 km (167 miles) northeast of Kabul in the Hindu Kush mountains, at a deep 180 km, the European Mediterranean Seismological Centre said.
नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर के अलावा उत्तर भारत के कई इलाकों कुछ देर पहले भूकंप के झटके महसूस किए गए. अकसर भूकंप आने पर लोगों में एक दहशत का माहौल बन जाता है. लोग घबरा कर इधर-उधर भागने लगते हैं. मगर भूकंप के दौरान जितनी क्षति भूकंप से होती है, उससे ज्यादा क्षति इस दौरान लोगों द्वारा बरती जाने वाली असावधानियों से होती है. इसलिए भूकंप के झटके से आप भी सहम गये हैं तो इस स्टोरी को पढ़ें और ये जानें कि आखिर भूकंप के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं.
चूंकि भूकंप के बारे में सटीक पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता. सो, अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि अगर भूकंप सचमुच आ ही जाए, तो हमें क्या करना चाहिए, या क्या ऐसा है, जो हमें हरगिज़ नहीं करना चाहिए. इस वजह से विशेषज्ञ बीच-बीच में ऐसे उपाय सुझाते रहे हैं, जिनसे भूकंप के बाद होने वाले खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार नुकसान को कम करने और जान बचाने के लिए कुछ तरकीबें हैं, जिनसे काफी मदद मिल सकती है, सो आइए, आप भी यह उपाय जान लीजिए...
भूकंप आने के वक्त यदि आप घर से बाहर हैं, तो...
- ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें...
- जब तक झटके खत्म न हों, घर-ऑफिस से बाहर ही रहें...
- चलती गाड़ी में होने पर जल्द गाड़ी रोक लें, और गाड़ी में ही बैठे रहें...
- ऐसे पुलों या सड़कों पर जाने से बचें, जिन्हें भूकंप से नुकसान पहुंचा हो...
भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं, तो...
- फर्श पर बैठ जाएं, मज़बूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें...
- टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें...
- घर के किसी कोने में चले जाएं, और कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें...
- बिस्तर पर हैं, तो लेटे रहें, तकिये से सिर ढक लें...
- आसपास भारी फर्नीचर हो, तो उससे दूर रहें...
- लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें, लिफ्ट भूकंप के दौरान पेंडुलम की तरह हिलकर दीवार से टकरा सकती है, और बिजली जाने से रुक भी सकती है...
- सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें, क्योंकि आमतौर पर इमारतों में बनी सीढ़ियां मज़बूत नहीं होतीं...
- झटके आने तक घर के अंदर ही रहें, और झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें...
- माचिस हरगिज़ न जलाएं, क्योंकि इस दौरान गैस लीक का खतरा हो सकता है...
- कतई न हिलें, और धूल न उड़ाएं...
- किसी रूमाल या कपड़े से चेहरा ज़रूर ढक लें...
- किसी पाइप या दीवार को ठकठकाते रहें, ताकि बचाव दल आपको तलाश सके...
- यदि कोई सीटी उपलब्ध हो, तो उसे बजाते रहें...
- यदि कोई और ज़रिया न हो, तो चिल्लाते रहें, हालांकि चिल्लाने से धूल मुंह के भीतर जाने का खतरा रहता है, सो, सावधान रहें...
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